अमेरिका ने ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, जिन्हें 'आर्थिक डी-डे' बताया गया है। इसके जवाब में ईरान ने कहा है कि वह इन प्रतिबंधों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और इसके लिए एक योजना बनाई गई है। ईरानी अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि वे अमेरिकी दबाव में नहीं झुकेंगे। ईरान का कहना है कि उसने पहले भी ऐसे प्रतिबंधों का सामना किया है और सफलतापूर्वक इसका मुकाबला किया है। यह प्रतिबंध ईरान के तेल निर्यात और वित्तीय क्षेत्र को लक्षित करते हैं। अमेरिका का उद्देश्य ईरान पर अपनी परमाणु गतिविधियों और क्षेत्रीय नीतियों को बदलने के लिए दबाव बनाना है। ईरान ने इन प्रतिबंधों को अवैध और अमानवीय बताया है।