मई महीने में ओपेक का तेल उत्पादन दो दशकों से अधिक समय में सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है। रॉयटर्स के सर्वेक्षण के अनुसार, इसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध और ईरान की नाकाबंदी है। अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी के कारण ईरान का तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अतिरिक्त, ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के कारण अन्य खाड़ी देशों के निर्यात में भी भारी गिरावट आई है। इस स्थिति से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रतिबंधों के कारण तेल की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। ओपेक देशों के उत्पादन में कमी से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।