ईरान के प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाकर ग़लीबाफ़ ने घोषणा की है कि हर्मुज़ जलडमरूमध्य कभी भी युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं आएगा। यह बयान ईरान द्वारा जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण को मजबूत करने के इरादे को दर्शाता है। ग़लीबाफ़ ने इस क्षेत्र के प्रशासन को लेकर तेहरान के अधिकार पर ज़ोर दिया। यह घोषणा भू-राजनीतिक तनाव के बीच आई है, जिससे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, और इस पर किसी भी तरह के नियंत्रण से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकते हैं। ईरान का यह रुख अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ संभावित टकराव की आशंकाओं को भी जन्म दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ईरान की बढ़ती क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं का संकेत है।