ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर घलीबाफ ने कहा है कि चीन ने ईरान पर लगे नवीनतम अमेरिकी प्रतिबंधों को खारिज कर दिया है। यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। घलीबाफ ने इस कदम को ईरान और चीन के मजबूत संबंधों का प्रमाण बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देश स्वतंत्र रूप से अपने हितों को आगे बढ़ा सकते हैं। यह बयान अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के जवाब में आया है। चीन, ईरान के प्रमुख आर्थिक साझेदारों में से एक है और उसने लगातार अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध किया है। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि ईरान और चीन अपने संबंधों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करने के लिए दृढ़ हैं।