अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सदस्य देशों के मतदान में अक्सर ईरान के खिलाफ रुख देखा गया है, और यह प्रवृत्ति तब तक जारी रहने की संभावना है जब तक ईरान अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रमों को नहीं छोड़ देता। यह आरोप लगाया गया है कि पश्चिमी परमाणु हथियार संपन्न देश ऐसी नीतियां बनाते हैं जो शक्तिशाली राष्ट्रों के लिए परमाणु हथियारों का एकाधिकार बनाए रखने का काम करती हैं। ईरान का कहना है कि IAEA का रवैया राजनीतिक रूप से प्रेरित है। यह स्थिति ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय तनाव को बढ़ा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि IAEA पर पश्चिमी देशों का प्रभाव ईरान के साथ निष्पक्ष व्यवहार को बाधित कर रहा है। ईरान, IAEA के साथ सहयोग करने के बावजूद, पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव का सामना कर रहा है। यह मामला परमाणु अप्रसार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।