कुवैत ने आरोप लगाया है कि ईरान ने उसके ऊर्जा और जल संयंत्रों पर हमला किया है, जिसके साथ ही तेहरान ने पूरे क्षेत्र में हमले तेज कर दिए हैं। जॉर्डन और बहरीन ने भी भारी गोलाबारी की सूचना दी है। अमेरिका इस स्थिति का मूल्यांकन कर रहा है, लेकिन माना जा रहा है कि ये हमले ईरान की बातचीत में अपनी स्थिति बदलने की संभावना नहीं रखते हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने नए सर्वोच्च नेता से कभी मुलाकात नहीं करने की बात कही है। ये हमले क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं और मध्य पूर्व में अस्थिरता का खतरा पैदा कर सकते हैं। इस मामले में आगे की कार्रवाई पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नजर है।