लेखक ने पत्रकारिता की शुरुआत बड़े उत्साह, ऊर्जा और जिज्ञासा के साथ की थी। वह सामाजिक जीवन और राजनीतिक विवादों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते थे। उनके लिए यह एक सामान्य दिनचर्या बन गई थी। फिर साल 2011 आया, जिसने उनके करियर और दृष्टिकोण को बदल दिया। यह लेख उनकी पत्रकारिता के अनुभवों और गालमसे (अवैध खनन) के प्रभाव पर आधारित है। लेखक ने इसे 'धीमी गति से मौत की सजा' के रूप में वर्णित किया है। यह विवरण उनके व्यक्तिगत अनुभवों और पेशेवर यात्रा को दर्शाता है।