एक टिप्पणीकार, डैरेन फ्लेचर ने आरडी कांगो का नाम गलत बताया, जिसे बाद में उन्होंने सुधारा। हालांकि, तब तक इंटरनेट पर इस गलती को लेकर मीम्स की बाढ़ आ चुकी थी। यह घटना संक्षिप्त थी, लेकिन इसने सोशल मीडिया पर व्यापक ध्यान आकर्षित किया। फ्लेचर की गलती से आरडी कांगो के नाम को लेकर ऑनलाइन मज़ाक और टिप्पणियां शुरू हो गईं। यह घटना दर्शाती है कि सार्वजनिक टिप्पणियों में सटीकता कितनी महत्वपूर्ण है, खासकर लाइव प्रसारण के दौरान। सोशल मीडिया की त्वरित प्रतिक्रिया ने इस छोटी सी गलती को तुरंत वायरल कर दिया। इस घटना ने मीडिया में नामों और तथ्यों की जाँच के महत्व पर भी प्रकाश डाला।