वेनेज़ुएला में मई 2018 में, फ्रिगेट लेफ्टिनेंट गुस्तावो कैरेरो अंगरिटा को फोर्टे टियुना के अंदर गिरफ्तार किया गया था। उन पर और नौ नौसेना कर्मियों पर तथाकथित "ऑपरेशन आर्मगेडन" में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। अंतर-अमेरिकी मानवाधिकार आयोग (CIDH) ने इंटर-अमेरिकन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स के समक्ष कैरेरो के खिलाफ यातना का मामला पेश किया है। यह मामला मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को उजागर करता है। CIDH का यह कदम कैरेरो और अन्य सैन्य कर्मियों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस मामले पर अदालत का निर्णय वेनेज़ुएला में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है। यह घटना देश में मानवाधिकारों की स्थिति पर चिंता भी बढ़ाती है।