आधुनिक युग में, हर चीज़ त्वरित रूप से उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। इच्छा और उसकी पूर्ति के बीच की दूरी को कम करने की कोशिश की जा रही है। प्रतीक्षा करने की क्षमता धीरे-धीरे कम हो रही है, क्योंकि लोग तुरंत संतुष्टि चाहते हैं। यह तात्कालिकता की भावना एक लक्षण बन गई है, जो समकालीन जीवनशैली को दर्शाती है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि लोग अब धैर्य रखने और भविष्य के लिए योजना बनाने के बजाय, वर्तमान में जीने को प्राथमिकता देते हैं। इस बदलाव का समाज और व्यक्तिगत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ प्रतीक्षा का कोई अर्थ नहीं रह गया है।