एक ३१ वर्षीय नॉर्वेजियन इन्फ्लुएंसर, स्नोरे क्लैंडरूड ने तीन हफ़्तों तक केवल अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन का सेवन किया। इस प्रयोग का उद्देश्य प्रोसेस्ड भोजन के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करना था। क्लैंडरूड ने बताया कि यह एक कठिन और चुनौतीपूर्ण परियोजना थी। प्रयोग के दौरान उन्हें एक अप्रत्याशित प्रभाव का अनुभव हुआ, जिसके बारे में उन्होंने जानकारी दी है। हालांकि विशिष्ट परिणाम का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इस प्रयोग से प्रोसेस्ड भोजन के सेवन के खतरों पर प्रकाश पड़ता है। यह प्रयोग स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है। क्लैंडरूड के अनुभव से प्रोसेस्ड भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।
