केप टाउन विश्वविद्यालय के एक नए शोध में गर्भावस्था के दौरान घर के अंदर की वायु प्रदूषण और तंबाकू के धुएं के संपर्क में आने से समय से पहले प्रसव और कम वजन के शिशु जन्म लेने का खतरा बढ़ने की बात सामने आई है। यह अध्ययन गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को उजागर करता है और अजन्मे बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर देता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि रसोई के धुएं और हीटिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले ईंधन से निकलने वाले प्रदूषण का विशेष रूप से नवजात शिशुओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस शोध से पता चलता है कि वायु गुणवत्ता में सुधार और तंबाकू के धुएं से बचाव, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह निष्कर्ष विशेष रूप से उन निम्न और मध्यम आय वाले देशों में महत्वपूर्ण हैं जहां घरों में स्वच्छ ईंधन का उपयोग कम होता है। अध्ययन में शामिल विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाना और प्रभावी नीतियां बनाना आवश्यक है।