इंडोनेशिया में ज़कात की संभावित राशि ३४० खरब रूपया आँकी गई है, लेकिन अभी तक केवल ४४ खरब रूपया ही एकत्रित किया जा सका है। यह बड़ा अंतर ‘लीडर्स टॉक २०२६’ फोरम में मुख्य चिंता का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ज़कात के संग्रह में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। इस विशाल अंतर को कम करने के लिए नए रणनीतिक उपायों पर विचार किया जा रहा है। फोरम में ज़कात संग्रह प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर ज़ोर दिया गया। सरकार और ज़कात संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से इस स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। इस मुद्दे पर आगे चर्चा और समाधान खोजने के लिए जल्द ही एक विस्तृत योजना बनाई जाएगी।