इंडोनेशिया में वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती संख्या को अब केवल जनसांख्यिकीय चुनौती नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए एक नए अवसर के रूप में देखा जा रहा है। “वरिष्ठ अर्थव्यवस्था” के विकास के माध्यम से, बुजुर्ग आबादी को आर्थिक रूप से सक्रिय रखा जा सकता है। यह अर्थव्यवस्था वरिष्ठ नागरिकों की ज़रूरतों और क्षमताओं पर केंद्रित उत्पादों और सेवाओं के विकास को बढ़ावा देती है। बैंक मंताप का मानना है कि यह 'सिल्वर इकोनॉमी' विकास का एक नया इंजन साबित हो सकती है। इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सेवाएं, पर्यटन और जीवनशैली से जुड़ी चीज़ें शामिल हैं। वरिष्ठ अर्थव्यवस्था न केवल बुजुर्गों को सशक्त बनाएगी, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में भी योगदान देगी। यह इंडोनेशिया के लिए एक महत्वपूर्ण विकास रणनीति बन सकती है।

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