इंडोनेशिया सरकार ने रूपया की गिरावट को रोकने और बाजार को स्थिर करने के लिए आपातकालीन ब्याज दर में वृद्धि और अन्य उपाय किए हैं। इन कदमों से फिलहाल बाजार में कुछ राहत मिली है, लेकिन अर्थशास्त्रियों का मानना है कि निवेशकों का विश्वास पूरी तरह से लौटने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि सरकार को अर्थव्यवस्था की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देना होगा। निवेशकों को इंडोनेशिया की राजकोषीय नीतियों को लेकर गहरी चिंताएं हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है। ब्याज दर में वृद्धि से मुद्रास्फीति पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है, लेकिन यह दीर्घकालिक समाधान नहीं है। सरकार को राजस्व बढ़ाने और खर्चों को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। अन्यथा, रूपया पर दबाव बना रहेगा और विदेशी निवेश आकर्षित करना मुश्किल होगा।