पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री मोह जुमहुर् हिदायत ने पर्यावरण पुनर्वास के एक समाधान के रूप में बांस की खेती को बढ़ावा देने की बात कही है। उनका मानना है कि बांस की खेती से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों की आय में भी वृद्धि होगी। मंत्री ने इस पहल को कार्बन उत्सर्जन को कम करने के एक प्रभावी तरीके के रूप में भी प्रस्तुत किया। बांस तेजी से बढ़ने वाला पौधा है और यह मिट्टी के कटाव को रोकने में भी सहायक होता है। सरकार इस दिशा में विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है ताकि बांस की खेती को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान करने की उम्मीद है। यह कदम जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
