भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (केपीके) ने शुक्रवार, 28 अगस्त को बोगोर जिले के शिक्षा विभाग (डिस्दिक) के कार्यालय पर छापा मारा। यह कदम वस्तुओं और सेवाओं की खरीद में भ्रष्टाचार के संदेह की गहन जांच का हिस्सा है। केपीके द्वारा यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के सिलसिले में की गई है। फिलहाल, जांच के दायरे में आने वाले विशिष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इस मामले में आगे की जानकारी जल्द ही सामने आने की उम्मीद है। यह छापेमारी केपीके की भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई का संकेत देती है, विशेष रूप से सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में। आगे की जांच से मामले की गंभीरता और शामिल व्यक्तियों का पता चल सकता है।

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