इंडोनेशिया की भ्रष्टाचार उन्मूलन आयोग (केपीके) ने आप्रवासन कार्यालयों में कथित जबरन वसूली की जांच शुरू की है। संदेह है कि कुछ अधिकारी अभी भी विदेशी नागरिकों से अवैध रूप से धन मांग रहे हैं, भले ही पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। केपीके ने इस मामले में कई संदिग्धों को नामजद किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। यह मामला विदेशी नागरिकों को वीजा और अन्य आप्रवासन सेवाओं के बदले में पैसे मांगने से संबंधित है। केपीके का लक्ष्य भ्रष्टाचार को खत्म करना और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता लाना है। यह जांच इंडोनेशिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।