संवैधानिक न्यायालय ने वर्ष 2027 के लिए 67 अरब रुपये के अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव रखा है, जिससे कुल बजट आवश्यकता 427.8 अरब रुपये हो गई है। यह प्रस्ताव न्यायालय द्वारा… प्रस्तुत किया गया था। अतिरिक्त धन का उपयोग न्यायालय के कार्यों और गतिविधियों को समर्थन देने के लिए किया जाएगा। यह बजट वृद्धि न्यायालय की बढ़ती जिम्मेदारियों और चुनौतियों को दर्शाती है। प्रस्ताव पर अभी विचार किया जाना बाकी है और इसकी मंजूरी संसद के अनुमोदन पर निर्भर करेगी। यह निर्णय न्यायालय की स्वतंत्रता और दक्षता को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रस्तावित अतिरिक्त बजट, न्यायालय के न्याय प्रशासन को सुदृढ़ करने में सहायक होगा।