भ्रष्टाचार निवारण आयोग (केपीके) वर्ष 2024 के लिए अतिरिक्त 20,000 हज कोटा के वितरण से जुड़े एक पहल की गहन जांच कर रहा है। जांच के दायरे में पूर्व हज महानिदेशक सहित कई व्यक्तियों को शामिल किया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। केपीके इस बात की पड़ताल कर रहा है कि अतिरिक्त कोटा का वितरण कैसे किया गया और क्या इसमें कोई अनियमितता हुई थी। यह जांच उन आरोपों के बाद शुरू हुई है कि कोटा आवंटन में पारदर्शिता का अभाव था। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हज यात्रा का आयोजन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो। इस मामले में आगे जांच जारी है और केपीके जल्द ही अधिक जानकारी सार्वजनिक कर सकता है। यह कदम हज यात्रा से जुड़े भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।