इंडोनेशियाई थिंक टैंक इंडेफ के विश्लेषण से पता चला है कि पर्तामैक्स की कीमतों में वृद्धि को लेकर अधिकांश नागरिकों ने नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर जनता ने इस वृद्धि पर अपनी चिंता व्यक्त की है, विशेष रूप से पर्तालाइट की संभावित कमी को लेकर। लोग इस बात से चिंतित हैं कि पर्तामैक्स महंगा होने के कारण पर्तालाइट की मांग बढ़ेगी और इससे इसकी उपलब्धता प्रभावित होगी। इंडेफ का विश्लेषण जनता की धारणाओं और चिंताओं को समझने के लिए सोशल मीडिया डेटा का उपयोग करता है। यह वृद्धि सरकार द्वारा ईंधन की सब्सिडी को कम करने और बाजार मूल्य के साथ कीमतों को संरेखित करने के प्रयासों का हिस्सा है। हालांकि, जनता का नकारात्मक दृष्टिकोण सरकार के लिए एक चुनौती पेश करता है, क्योंकि इससे सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता आ सकती है। इस स्थिति में सरकार को पर्तालाइट की आपूर्ति सुनिश्चित करने और जनता को आश्वस्त करने की आवश्यकता है।