पश्चिम जावा के 'मुफ्त पौष्टिक भोजन' (MBG) कार्यक्रम से जुड़े स्वयंसेवकों और सेवा भागीदारों ने राष्ट्रीय पोषण निकाय (BGN) के एक निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। यह विवाद स्कूल की छुट्टियों के दौरान पोषण सेवा केंद्रों (SPPG) को बंद करने की नीति को लेकर शुरू हुआ है। श्रमिक संघ का तर्क है कि छुट्टियों के दौरान भी बच्चों को पोषण की आवश्यकता होती है और केंद्रों को बंद करने से उनकी निरंतरता बाधित होगी। इसके अतिरिक्त, इस निर्णय से वहां कार्यरत कर्मचारियों की आय और रोजगार की स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने और एक अधिक लचीला समाधान निकालने की मांग की है। यह मामला अब राष्ट्रीय पोषण निकाय के समक्ष विचारार्थ है ताकि छात्रों और कर्मचारियों दोनों के हितों की रक्षा की जा सके।