मामकु कुतवारु, सिलाकाप में, एक नई पहल ने ग्रामीणों में आशा जगाई है। ‘देसा एनेर्जी बर्दिकारी’ (स्वतंत्र ऊर्जा ग्राम) कार्यक्रम, जिसे ‘मामकु’ के नाम से जाना जाता है, ग्रामीणों को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में आत्मनिर्भर बनने में मदद कर रहा है। पहले, जो लोग अपने घरों से दूर काम करने जाते थे, उन्हें अब अपने गाँव में ही अवसर मिल रहे हैं। यह कार्यक्रम न केवल ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करता है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करता है। मामकु कार्यक्रम ग्रामीणों को स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस पहल से गाँव में विकास की नई राह खुल गई है और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होने की उम्मीद है। यह आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।