इंडोनेशिया में मुहर्रम के महीने में अनाथ बच्चों के ईद (लेबरान अनाक यातीम) की परंपरा मनाई जाती है। इस प्रथा के धार्मिक आधार और इतिहास को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। कुछ लोग इसे आशूरा दिवस से जोड़कर देखते हैं। यह त्योहार अनाथ बच्चों के प्रति सामाजिक सहानुभूति और देखभाल व्यक्त करने का एक माध्यम है। इस अवसर पर, समुदाय के लोग अनाथ बच्चों के लिए विशेष आयोजन करते हैं और उन्हें दान-धर्म में शामिल करते हैं। यह परंपरा इंडोनेशियाई समाज में सदियों से चली आ रही है और इसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को सहारा देना है। इस त्योहार का महत्व धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक मूल्यों के मिश्रण से उत्पन्न होता है।