इंडोनेशिया के महान्यायवादी कार्यालय (केजाजुंग) ने मुफ्त पोषण आहार (एमबीजी) घोटाले में एक नए संदिग्ध, ग्लोरी हरिमास सिहोमबिंग को नामित किया है। सिहोमबिंग, जो पहले एक अधिकारी थे, पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप है। यह मामला मुफ्त पोषण आहार के प्रबंधन में अनियमितताओं से संबंधित है। जांच एजेंसी का कहना है कि सिहोमबिंग की भूमिका की जांच जारी है और आगे की जांच के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया है। यह विकास इस घोटाले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें पहले भी कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। केजाजुंग का लक्ष्य इस मामले में सभी दोषियों को पकड़ना और उन्हें न्याय के कटघरे में लाना है। इस मामले में आगे की जानकारी धीरे-धीरे सामने आ रही है।
