इंडोनेशिया के पश्चिम सुमात्रा प्रांत के पाडांग स्थित MAN 3 मदरसे में हुए विस्फोट की जांच में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। राष्ट्रीय पुलिस की विशेष डिटैचमेंट 88 एंटी-टेरर यूनिट (Densus 88) ने खुलासा किया है कि इस्तेमाल किए गए इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक उपकरण (IED) में विस्फोटक क्षमता कम थी। जांच अभी भी जारी है और अधिकारी मामले की गहराई से छानबीन कर रहे हैं। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां ​​स्थानीय मदरसों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा रही हैं। Densus 88 का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस विस्फोट के पीछे कौन है और इसका मकसद क्या था। फिलहाल, किसी भी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांचकर्ता कई संभावित संदिग्धों से पूछताछ कर रहे हैं। विस्फोट से किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।