भ्रष्टाचार निवारण आयोग (केपीके) के अभियोजक फहमी इदरीस ने बताया है कि 2023-2024 के लिए अतिरिक्त हज कोटा 'एक द्वार' के माध्यम से फुआद हसन मस्यूर द्वारा प्रबंधित किया गया था। अभियोजक के अनुसार, कोटा भरने की व्यवस्था केवल एक व्यक्ति के माध्यम से की गई थी। यह मामला इंडोनेशिया में हज कोटा को लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। जांच में यह सामने आया है कि फुआद हसन मस्यूर ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अभियोजन पक्ष इस मामले में सबूत पेश कर रहा है ताकि यह साबित किया जा सके कि कोटा आवंटन में अनियमितताएं थीं। यह मामला इंडोनेशियाई हज प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों को उजागर करता है। आगे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।