इंडोनेशिया की संसद की कमिटी XIII के अध्यक्ष विली आदित्य ने बताया है कि उन्होंने कई 'लापास' (Lapas) में 'रोमांस कक्ष' (bilik asmara) और यौन उपकरण (alat bantu seksual) रखने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। आदित्य ने जोर देकर कहा कि यह पहल कैदियों के अधिकारों को पहचानने और उन्हें मानवीय गरिमा के साथ व्यवहार करने का प्रयास है। हालांकि, इस प्रस्ताव ने देश में काफी विवाद पैदा कर दिया है, कई लोगों ने इसकी नैतिकता और व्यवहार्यता पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का तर्क है कि इस तरह की सुविधाएं जेल के वातावरण को कमजोर कर सकती हैं और अवैध गतिविधियों को प्रोत्साहित कर सकती हैं। सरकार अब इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है और इस पर निर्णय लेना बाकी है। इस मामले में आगे की चर्चा और जनमत का महत्व है।