स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉलर और तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण दवाओं की कीमतों में संभावित वृद्धि की आशंका जताई है। रुपये के विनिमय दर में उतार-चढ़ाव भी इस वृद्धि का कारण बन सकता है। मंत्रालय ने हालांकि यह स्पष्ट किया है कि वे कीमतों में वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। दवाओं के दाम बढ़ने से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है। सरकार इस स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है और आवश्यक उपाय कर रही है। मंत्रालय का कहना है कि वे दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस मुद्दे पर आगे की जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी।
