महान्यायवादी कार्यालय (केजाकगुंग) ने गुरुवार को इंडोनेशिया खाद्य सुरक्षा समीक्षा फाउंडेशन की अध्यक्ष ग्लोरी हरिमास सिहोमबिंग (जीएचएस) को मुफ्त पौष्टिक भोजन (एमबीजी) भ्रष्टाचार मामले में छठे आरोपित के रूप में नामित किया है। आरोप है कि सिहोमबिंग ने 'स्पपीजी' (SPPG) नामक एक वस्तु को प्रति बिंदु 100 मिलियन रुपये में बेचा और इस लेनदेन से प्राप्त 20 मिलियन रुपये दानन नामक व्यक्ति को सौंप दिए। यह मामला मुफ्त भोजन कार्यक्रम में भ्रष्टाचार से संबंधित है। जांच में यह पता चला है कि सिहोमबिंग ने इस प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं और व्यक्तिगत लाभ के लिए धन का दुरुपयोग किया। केजाकगुंग इस मामले में अन्य आरोपितों की भी जांच कर रहा है और भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क को उजागर करने का प्रयास कर रहा है। इस नए खुलासे से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है, और आगे की जांच से महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। आरोपित को हिरासत में लिया गया है और कानूनी कार्यवाही शुरू हो गई है।