हजारों युवा डॉक्टरों का भविष्य अनिश्चित है, क्योंकि वे अपनी पेशेवर डिग्री प्राप्त करने में विफल हो सकते हैं, जबकि उन्होंने अपनी पूरी शिक्षा पूरी कर ली है। यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। गजा मादा विश्वविद्यालय (UGM) के विशेषज्ञों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। इन डॉक्टरों को 'रीटेकर' के रूप में जाना जाता है, और वे अपनी डिग्री प्राप्त करने के लिए आवश्यक परीक्षाओं को पास करने में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी को और बढ़ा सकती है। सरकार से इस मामले पर गंभीरता से विचार करने और एक समाधान खोजने का आग्रह किया जा रहा है ताकि इन युवा डॉक्टरों का भविष्य सुरक्षित हो सके और देश को डॉक्टरों की आवश्यकता पूरी हो सके।
