एक नए अध्ययन के अनुसार, इंडोनेशिया में बैंकों द्वारा दिए जाने वाले ऋणों का ध्यान अब उपभोग के बजाय उत्पादन क्षेत्र पर केंद्रित हो रहा है। NEXT इंडोनेशिया सेंटर के अनुसार, पहले ऋण वृद्धि मुख्य रूप से व्यक्तिगत खर्चों को वित्तपोषित करती थी, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। यह बदलाव निवेश को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन क्षेत्र में ऋण देने से दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और विकास में मदद मिलेगी। इस प्रवृत्ति से व्यवसायों को विस्तार करने और रोजगार सृजित करने में सहायता मिलेगी। सरकार भी इस बदलाव का स्वागत करती है, क्योंकि यह अर्थव्यवस्था को अधिक टिकाऊ बनाने में योगदान देगा। यह ऋण वितरण में एक महत्वपूर्ण बदलाव है जो इंडोनेशिया की आर्थिक संभावनाओं को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
