इंडोनेशिया की वित्तीय सेवा प्राधिकरण (ओजेके) ने सरकारी बैंकों (हिम्बारा) में जमा सरकारी धन की क्रमिक वापसी की उम्मीद जताई है। ओजेके का मानना है कि अचानक धन निकालने से वित्तीय प्रणाली में व्यवधान आ सकता है। इसलिए, एक संक्रमणकालीन अवधि की आवश्यकता है ताकि बैंकों को समायोजन करने का समय मिल सके। यह कदम सरकारी बजट अधिशेष (एसएएल) के प्रबंधन से संबंधित है। ओजेके का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन की वापसी सुचारू रूप से हो और बैंकिंग क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। इस प्रक्रिया में बैंकों की तरलता और स्थिरता बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। ओजेके इस स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखेगा और आवश्यक उपाय करने के लिए तैयार है।