खाद्य मामलों के उप-समन्वयक हनिफ फैसल नुरोफिक ने बताया कि खाद्य सहायता कार्यक्रम में चीनी को शामिल करने के प्रस्ताव पर सरकार अभी भी विचार कर रही है। यह प्रस्ताव गरीबों और जरूरतमंदों को मिलने वाली खाद्य सहायता को और अधिक पौष्टिक बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। हालांकि, सरकार इस प्रस्ताव के संभावित प्रभावों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कर रही है, जिसमें चीनी की खपत में वृद्धि और स्वास्थ्य पर इसके परिणाम शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अंतिम निर्णय लेने से पहले विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर विचार करते समय पोषण संबंधी आवश्यकताओं और वित्तीय व्यवहार्यता दोनों को ध्यान में रखा जाएगा। सरकार का लक्ष्य एक संतुलित और प्रभावी खाद्य सहायता कार्यक्रम सुनिश्चित करना है जो जरूरतमंदों की सहायता करे।