इंडोनेशिया ने यूनेस्को में रचनात्मक कार्यकर्ताओं के कौशल विकास की आवश्यकता पर बल दिया है। इंडोनेशिया के यूनेस्को में स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत सत्य विबावा ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में रचनात्मक उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है। इंडोनेशिया सरकार रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में विभिन्न पहल कर रही है। राजदूत विबावा ने यूनेस्को से इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के अवसरों का विस्तार किया जा सके। यह कदम इंडोनेशिया के रचनात्मक क्षेत्र को मजबूत करने और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका को बढ़ाने में सहायक होगा। इस पहल से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।