सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विकास में मानव-केंद्रित सिद्धांत को प्राथमिकता दे रही है। यह कदम एआई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। सरकार का लक्ष्य ऐसा एआई बनाना है जो सभी नागरिकों के लिए फायदेमंद हो, बिना किसी भेदभाव के। इस नीति के तहत, एआई विकास में मानवीय मूल्यों और जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। इससे एआई प्रणालियों का उपयोग अधिक न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल एआई के संभावित जोखिमों को कम करने और इसके लाभों को अधिकतम करने में मदद करेगी। समावेशिता के इस दृष्टिकोण से, सरकार डिजिटल भविष्य के लिए एक मजबूत नींव बनाने का प्रयास कर रही है।