इंडोनेशिया में हाल ही में मुफ्त भोजन केंद्रों, जिन्हें पोषण पूर्ति सेवा इकाइयाँ (एसपीपीजी) कहा जाता है, की संख्या में अचानक और असामान्य वृद्धि देखी गई है। खाद्य समन्वय मंत्री ज़ुल्किफली हसन ने इस वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है और इसकी जाँच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जाँच में अनियमितताएँ पाई गई हैं, जिससे संदेह है कि कुछ केंद्रों का संचालन नियमों के अनुसार नहीं हो रहा है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ये केंद्र जरूरतमंद लोगों तक ही भोजन पहुँचाएँ और किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोका जाए। अधिकारियों ने सभी एसपीपीजी को अपने संचालन की रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। इस मामले में आगे की जाँच जारी है और सरकार जल्द ही उचित कार्रवाई करने की योजना बना रही है। यह कदम खाद्य सुरक्षा और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।