इंडोनेशिया अपनी आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए परमाणु ऊर्जा के उपयोग पर विचार कर रहा है। राष्ट्रीय ऊर्जा परिषद (डीईएन) ने इसे एक रणनीतिक आवश्यकता बताया है, खासकर ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के संदर्भ में। परिषद का मानना है कि परमाणु ऊर्जा देश को जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता कम करने और उत्सर्जन लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकती है। हालांकि, सुरक्षा और अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी चिंताओं को दूर करने की आवश्यकता है। सरकार फिलहाल विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है, जिसमें छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) भी शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है। यह निर्णय इंडोनेशिया की ऊर्जा नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।
