इंडोनेशिया एक नए राष्ट्रपति विनियमन के तहत कचरा-से-ऊर्जा (WtE) विकास को गति दे रहा है। इस पहल का उद्देश्य कचरे को ऊर्जा, मूल्य और सतत विकास में बदलना है। सरकार अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह विनियमन WtE परियोजनाओं के लिए एक स्पष्ट कानूनी ढांचा प्रदान करता है, निवेश को आकर्षित करने और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने की उम्मीद है। इस कदम से ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी। इंडोनेशिया का लक्ष्य 2030 तक अपशिष्ट से बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करना है। यह योजना देश को एक हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

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