इंडोनेशिया के सहकारी मामलों के उपमंत्री फरीदा फरीचाह ने मदरसों (पोंडोक पेसाँत्रन) में सहकारी समितियों के प्रबंधन को पेशेवर बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने 'कोऑपरेटिव कंज्यूमर माथलाउल' की अपनी यात्रा के दौरान इस बात की आवश्यकता बताई कि इन संस्थाओं को आधुनिक और कुशल तरीके से चलाया जाए। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन सहकारी समितियों को जन-अर्थव्यवस्था के एक मजबूत स्तंभ के रूप में विकसित करना है। इस पहल के माध्यम से मदरसों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उपमंत्री ने कहा कि पेशेवर शासन से न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। यह कदम धार्मिक शिक्षा केंद्रों को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में बदलने की एक रणनीतिक कोशिश है। अंततः, इसका लक्ष्य जमीनी स्तर पर आर्थिक विकास को गति देना और समावेशी समृद्धि सुनिश्चित करना है।
