इंडोनेशिया और चीन के केंद्रीय बैंकों ने अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए लेनदेन को बढ़ावा देने हेतु एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य दोनों देशों की मुद्राओं, रुपये और युआन के उपयोग को बढ़ाना है। यह कदम दोनों केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनी-अपनी मुद्राओं के विनिमय दर को स्थिर रखने के प्रयासों का हिस्सा है। समझौते में वित्तीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। माना जा रहा है कि यह कदम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देगा। दोनों देशों का मानना है कि यह वित्तीय प्रणाली को अधिक लचीला और स्थिर बनाने में मदद करेगा। यह समझौता क्षेत्रीय व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा दे सकता है।
