वित्त मंत्री पुरबाया युधि सदेवा ने घोषणा की है कि सरकार पीपीपीके (Pegawai Pemerintah dengan Perjanjian Kerja) पद पर कार्यरत शिक्षकों को केंद्र सरकार के अधीन स्थानांतरित करने की नीति के लिए लगभग ३१ खरब रुपये का बजट तैयार कर रही है। यह कदम शिक्षकों की स्थिति को स्थिर करने और उन्हें बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बजट का उपयोग शिक्षकों के वेतन, भत्तों और अन्य संबंधित खर्चों को कवर करने के लिए किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि सभी पीपीपीके शिक्षकों को जल्द से जल्द केंद्र सरकार में शामिल किया जाए। यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में सुधार और शिक्षकों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्थानांतरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विस्तृत योजना बनाई जा रही है, जिसमें समय-सीमा और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी शामिल है। यह बजट शिक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के समन्वय से तैयार किया गया है।