हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में शामिल देशों से उभरते समुद्री खतरों से निपटने के लिए आपसी सहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने का आग्रह किया गया है। यूरोपीय संघ द्वारा विकसित ‘क्रिटिकल मैरीटाइम रूट्स इंडो-पैसिफिक’ पहल के तहत एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म, आईओआरआईएस (IORIS) का उपयोग इस सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह प्लेटफॉर्म सूचनाओं के सुरक्षित आदान-प्रदान के लिए एक तटस्थ मंच प्रदान करता है। बैठक में समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। वैश्विक व्यापार की सुरक्षा के लिए समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। आईओआरआईएस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का सामूहिक रूप से समाधान खोजना है।