ऑस्ट्रेलिया के एलिस स्प्रिंग्स में, पर्तामे समुदाय के बुजुर्गों और युवा माताओं ने मिलकर एक अनूठी पहल शुरू की है। उन्होंने ‘लैंग्वेज नेस्ट’ नामक शिशु भाषा केंद्र स्थापित किया है, जहाँ बच्चों को केवल आदिवासी यूची भाषा में ही शिक्षा दी जाती है, अंग्रेजी का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है। यह पहल यूची भाषा को पुनर्जीवित करने और अगली पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से की गई है। स्थानीय यूची परिवारों से सीखकर इस मॉडल को विकसित किया गया है। समुदाय का लक्ष्य इस सफल मॉडल को प्राथमिक विद्यालय स्तर तक विस्तारित करना है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे अपनी मातृभाषा सीख सकें। इस प्रयास से आदिवासी भाषा और संस्कृति को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। यह पहल भाषा विलोपन के खतरे से जूझ रही कई स्वदेशी समुदायों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
