भारत में जेन ज़ेड (Gen Z) ने डिजिटल क्रांति के कारण सरकार के समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, यही डिजिटल क्रांति अब युवाओं के लिए एक चुनौती बनकर उभर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास से भारत में पहले से मौजूद असमानता और बढ़ने का खतरा है। यह नई तकनीक युवाओं को आगे बढ़ने से रोक सकती है, क्योंकि जिनके पास डिजिटल कौशल और संसाधन हैं, वे ही लाभान्वित होंगे। इस स्थिति में, डिजिटल विभाजन और सामाजिक असमानता गहरी हो सकती है। सरकार और नीति निर्माताओं को इस चुनौती का समाधान ढूंढना होगा, ताकि सभी युवाओं को समान अवसर मिल सकें और AI का लाभ सभी तक पहुँच सके।