मुख्य न्यायाधीश (CJI) के निमंत्रण को लेकर हुए विवाद के बाद बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने नेशनल एकेडमी ऑफ़ लीगल स्टडीज़ एंड रिसर्च (NALSAR) के छात्रों को वकालत से दूर रखने की चेतावनी दी थी। बार काउंसिल ने NALSAR के डीन के पत्र का हवाला देते हुए यह कदम उठाया था, जिसमें CJI के निमंत्रण को अस्वीकार करने का उल्लेख था। हालांकि, बाद में बार काउंसिल ने अपने रुख में बदलाव किया और कहा कि किसी भी छात्र को इस विवाद के कारण वकालत करने से नहीं रोका जाएगा। बार काउंसिल ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस मामले ने विधि शिक्षा और न्यायपालिका के बीच संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए थे। बार काउंसिल के इस फैसले से NALSAR के छात्रों में राहत की सांस ली है और अब वे बिना किसी बाधा के वकालत पेशा अपना सकेंगे।