सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों पर सुनवाई करते हुए कहा है कि इन प्रतिबंधों से आम जनता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। अदालत ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है कि विरोध प्रदर्शनों के कारण मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बाधित न हों और लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचने में कोई कठिनाई न हो। कोर्ट ने कहा कि विरोध करने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है, लेकिन यह दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि प्रतिबंधों से यात्रियों को काफी असुविधा हुई है और उनकी आवाजाही बाधित हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए समय निर्धारित किया है और अधिकारियों से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने अधिकारियों को दिल्ली में शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए हैं।

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