विरोध के अधिकार की रक्षा के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो और इंटरनेट सेवाओं को जारी रखने का आदेश दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार को ये सेवाएं चालू रखने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान इन सेवाओं को बाधित करना नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन है। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए सरकार को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा है। इस फैसले से दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान संचार और परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहेगी। अदालत का यह आदेश विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले लोगों और सामान्य जनता दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। यह फैसला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।