भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने छात्र प्रदर्शनों से जुड़े सभी मामलों को खारिज कर दिया है। यह निर्णय छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिन पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान आरोप लगाए गए थे। अदालत ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे और किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं हुई थी। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध में हुए प्रदर्शनों से संबंधित मामले भी शामिल हैं जिन्हें खारिज किया गया है। इस फैसले के बाद, नागरिक समाज संगठन 'सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) ने दिल्ली में प्रस्तावित मार्च को रद्द कर दिया है। अदालत के इस कदम से छात्रों और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है, और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की जीत के रूप में देखा जा रहा है। यह निर्णय न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को दर्शाता है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文