जुलाई में भारत के बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान रिकॉर्ड 20 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही, कोयले से प्राप्त बिजली का योगदान वार्षिक रूप से सबसे कम स्तर पर आ गया है। यह बदलाव नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर और पवन ऊर्जा की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति जारी रहेगी और भारत ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ेगा। सरकार भी नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिससे यह आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है। कोयले पर निर्भरता कम होने से पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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